DUSU Election 2026 में ABVP ने चार में से तीन प्रमुख पद जीते। BJP नेताओं ने Rahul Gandhi की ‘Chhatron Ki Goonj’ पहल पर निशाना साधा।
USU Election 2026: ABVP की बड़ी जीत, BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU Election 2026 के नतीजों ने छात्र राजनीति में एक बार फिर ABVP और NSUI के बीच मुकाबले को चर्चा में ला दिया है। शनिवार को घोषित परिणामों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार प्रमुख पदों में से तीन पर जीत दर्ज की। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे। कांग्रेस समर्थित NSUI चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी सीट नहीं जीत सकी।
नतीजों के बाद कई BJP नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया छात्र संपर्क पहल “Chhatron Ki Goonj” को लेकर उन पर राजनीतिक हमला किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इसी संदर्भ में कहा, “I didn't hear the goonj but definitely heard the dhamaka,” यानी उन्हें ‘गूंज’ सुनाई नहीं दी, लेकिन ‘धमाका’ जरूर सुनाई दिया।
ABVP ने जीते तीन प्रमुख पद
DUSU चुनाव में ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस समर्थित NSUI उम्मीदवार विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया। डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि मीणा को 22,523 वोट प्राप्त हुए।
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी विजयी रहीं। वहीं, संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की। इस तरह ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद अपने नाम किए।
उपाध्यक्ष पद का परिणाम हालांकि अलग रहा। पूर्व NSUI सदस्य रहे निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने यह सीट जीत ली। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 30,615 वोट हासिल किए।
NSUI को चारों केंद्रीय पदों पर नहीं मिली जीत
DUSU चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के लिए परिणाम चुनौतीपूर्ण रहा। संगठन चारों केंद्रीय पदों में से किसी पर भी जीत दर्ज नहीं कर सका।
राष्ट्रपति पद पर NSUI के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले, जबकि ABVP के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल किए। सचिव पद पर ABVP उम्मीदवार रिया छावड़ी को 21,650 वोट मिले, जबकि NSUI उम्मीदवार को 14,869 वोट प्राप्त हुए।
संयुक्त सचिव पद पर भी मुकाबला करीबी रहा। ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 16,615 वोट मिले। समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव को 15,778 और NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले।
राहुल गांधी की ‘Chhatron Ki Goonj’ पर BJP का हमला
DUSU परिणाम ऐसे समय सामने आया है जब राहुल गांधी अपनी “Chhatron Ki Goonj” छात्र संपर्क पहल के तहत युवाओं और छात्रों से संवाद कर रहे हैं। BJP नेताओं ने DUSU नतीजों को इसी राजनीतिक संदर्भ में पेश करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा।
BJP नेताओं ने इस अभियान को लेकर “Jhooth Ki Goonj” जैसे राजनीतिक तंज भी किए। हालांकि, DUSU चुनाव दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच हुआ एक विशिष्ट छात्रसंघ चुनाव है, इसलिए इसके परिणाम को पूरे देश के युवाओं की राय का प्रत्यक्ष प्रतिनिधि मानना उचित नहीं होगा। India Today ने भी अपने विश्लेषण में DUSU परिणाम को राष्ट्रीय स्तर पर Gen Z के फैसले के रूप में नहीं देखने की बात कही है।
अमित शाह और अन्य BJP नेताओं ने दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ABVP की जीत पर बधाई देते हुए इसे संगठन की विचारधारा और छात्र कल्याण के प्रति समर्थन से जोड़ा। उन्होंने यश डबास, रिया छावड़ी और लक्ष्य राज सिंह समेत ABVP कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी ABVP के प्रदर्शन को छात्र कल्याण, सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संगठन के प्रयासों के समर्थन के रूप में बताया। वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ABVP उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ABVP की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे युवाओं के समर्थन से जोड़ा और विजेता उम्मीदवारों को बधाई दी।
DUSU Election 2026 के प्रमुख आंकड़े
- ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से 3 पर जीत दर्ज की।
- यश डबास DUSU के अध्यक्ष चुने गए।
- रिया छावड़ी ने सचिव पद जीता।
- लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव बने।
- निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद जीता।
- अध्यक्ष पद पर यश डबास को 24,576 वोट मिले।
- NSUI के विजय शंकर मीणा को अध्यक्ष पद पर 22,523 वोट मिले।
- अध्यक्ष पद पर जीत का अंतर 2,053 वोट रहा।
- सचिव पद पर रिया छावड़ी को 21,650 वोट मिले।
- संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह को 16,615 वोट मिले।
- मतदान 18 सितंबर को हुआ और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कुल मतदान प्रतिशत 40.46% रहा।
चुनाव परिणाम का राजनीतिक संदर्भ
DUSU चुनाव का महत्व केवल छात्रसंघ के पदों तक सीमित नहीं है। दिल्ली विश्वविद्यालय देश के सबसे चर्चित विश्वविद्यालय परिसरों में से एक है और यहां ABVP तथा NSUI लंबे समय से प्रमुख छात्र राजनीतिक संगठनों के रूप में चुनाव लड़ते रहे हैं।
इस बार परिणाम में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि उपाध्यक्ष पद एक पूर्व NSUI सदस्य और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के खाते में गया। इससे केंद्रीय पैनल का पूरा नियंत्रण किसी एक संगठन के पास नहीं रहा।
नतीजों के बाद BJP ने इसे युवाओं और छात्रों के बीच अपनी विचारधारा के समर्थन के तौर पर पेश किया, जबकि कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप भी सामने आए हैं। इसलिए चुनाव परिणाम की राजनीतिक व्याख्या करते समय विभिन्न दलों के दावों को उनके स्रोत और संदर्भ के साथ देखना जरूरी है।
आगे की नजर नए DUSU नेतृत्व पर
नवनिर्वाचित DUSU अध्यक्ष यश डबास ने छात्र आवास और सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, उनका पहला प्रमुख एजेंडा विश्वविद्यालय के हॉस्टल और PG आवासों की सुरक्षा का ऑडिट कराना है।
ABVP ने चुनाव से पहले अपने घोषणापत्र में छात्र आवास, महिला सुरक्षा, अकादमिक सुधार, विश्वविद्यालय के निर्णयों में छात्रों की भागीदारी और रोजगार एवं इंटर्नशिप के अवसरों जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी थी।
Professional Disclaimer & Third-Party Reference
यह समाचार उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों और मानक तृतीय-पक्ष समाचार स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें चुनाव परिणाम, वोट आंकड़े और नेताओं की प्रतिक्रियाओं को प्रकाशित रिपोर्टों के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। राजनीतिक बयानों और आरोपों को संबंधित नेताओं या संगठनों के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। नवीनतम या आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित चुनाव प्राधिकरण और विश्वसनीय समाचार स्रोतों की पुष्टि करें।
Conclusion
DUSU Election 2026 में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीतकर तीन प्रमुख सीटें अपने नाम कीं, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया। परिणाम के बाद BJP नेताओं ने राहुल गांधी की “Chhatron Ki Goonj” पहल को लेकर राजनीतिक तंज कसे। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि नया DUSU नेतृत्व छात्रों से जुड़े आवास, सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर किस तरह काम करता है।

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