BJP Defends Dhami Government as Ankita Bhandari Case Sparks Fresh Political Clash
BJP नेता महेंद्र भट्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार का बचाव किया है। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों और पीड़िता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर उठे सवालों के बीच भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले में संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और तेजी के साथ कार्रवाई की। हालांकि, इस मामले को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है।
महेंद्र भट्ट ने सरकार की कार्रवाई का दिया हवाला
उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि घटना सामने आने के बाद आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और सबूतों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया गया।
भट्ट के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के जरिए दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
उन्होंने सरकार के कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन ने केवल कानूनी कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पीड़ित परिवार की मांगों और जरूरतों पर भी ध्यान दिया।
भट्ट ने दावा किया कि परिवार की इच्छा के अनुसार सरकारी वकीलों को बदलने की मांग स्वीकार की गई। इसके अलावा, अंकिता के माता-पिता की मांग पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
माता-पिता की हिरासत पर राहुल गांधी का हमला
इस मामले में राजनीतिक विवाद तब और बढ़ गया जब अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। वे सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के खिलाफ विरोध कर रहे थे।
गुरुवार को हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद दोनों को रिहा कर दिया गया। हिरासत के दौरान अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग की।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार की पहचान पीड़ितों की आवाज दबाने और सवाल उठाने वालों को हटाने से जुड़ी है।
राहुल गांधी की टिप्पणी ने मामले को एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया। कांग्रेस लगातार इस प्रकरण को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है, जबकि बीजेपी अपने बचाव में अब तक की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का हवाला दे रही है।
अंकिता हत्याकांड में क्या हुआ था?
19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। चार दिन बाद उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ था।
इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, जो पूर्व बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे हैं, और उनके दो साथियों को दोषी ठहराया गया। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
हत्याकांड के बाद से ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने, जांच की निष्पक्षता और मामले से जुड़े अन्य आरोपों की जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। परिवार की मांगों और राजनीतिक दलों के बयानों ने इस मामले को समय-समय पर फिर चर्चा में ला दिया है।
सरकारी सहायता और न्याय पर अब भी टिकी निगाहें
महेंद्र भट्ट ने कहा कि धामी सरकार ने पीड़ित परिवार को सामाजिक और आर्थिक सहायता भी दी। उनके अनुसार, परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई और परिवार के सदस्यों को रोजगार भी दिया गया।
बीजेपी इन कदमों को सरकार की संवेदनशीलता के प्रमाण के रूप में पेश कर रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस और पीड़ित परिवार से जुड़े सवालों ने मामले की जांच तथा जवाबदेही को लेकर बहस जारी रखी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन परिवार की मांगों और हालिया राजनीतिक विवाद ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के साथ-साथ इस बात पर भी नजर रहेगी कि परिवार की शेष मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

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